अभी पूरे विश्व कोरोना महामारी से लड़ रही है। तेजी से फैल रहे संक्रमण के मामले अब भी नियंत्रित नहीं हो पाएं हैं। इस विकट परिस्थिति में विश्व के लगभग सभी देशों के लोग आर्थिक तंगी से जूझ रहें हैं। अभी सभी देशों का जीडीपी ग्रोथ नीचे चल रहा है। ऐसे में बिहार के पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी अंतर्गत आने वाले अनुग्रह नारायण महाविद्यालय , पटना में अलग हीं खींचा – तानी का माहौल बना हुआ है।
क्या है मामला ?
अभी इस महामारी के बीच अनुग्रह नारायण महाविद्यालय प्रशासन ने एडमिशन फि जमा करने का आदेश जारी किया है। जारी किए गए आदेश के मुताबिक स्नातक द्वितीय वर्ष (सत्र 2019–22) तथा स्नातक तृतीय वर्ष (सत्र 2018–21) का नामांकन शुल्क भरना है जो की पिछले साल के मुकाबला में दुगुना से भी ज्यादा है और इसके लिए केवल 5 दिनों का समय दिया गया है। अभी महाविद्यालय का नया वेबसाइट जारी किया गया है। कॉलेज प्रशासन ने कहा है की वेबसाइट में छात्र का सारा डाटा भर दिया गया है लेकिन असलियत ये है की साइट ना तो ठीक से काम करती है और ना हीं इसमें सारा डाटा अपलोड किया गया है। विद्यार्थी परिषद लगातार फीस को कम करने की मांग कर रही है लेकिन कॉलेज प्रशासन कान में तेल लेकर सोई हुई है।
विद्यार्थी परिषद ने नामांकन फीस बढ़ाने का किया विरोध
अनुग्रह नारायण महाविद्यालय , पटना द्वारा स्नातक (सत्र 2019-22) द्वितीय वर्ष एवं स्नातक (सत्र 2018-21 ) तृतीय- वर्ष के नामांकन शुल्क में दोगुनी वृद्धि कर दी गई है। इसे लेकर अभाविप के कॉलेज अध्यक्ष प्रभाकर कुमार ने कहा कि द्वितीय- वर्ष के नामांकन में छात्रों से 2770 लिया जाता है। वहीं तृतीय वर्ष के नामांकन के लिए छात्र से 5645 का शुल्क वसूला जा रहा है।
प्रभाकर कुमार बताते हैं कि छात्राओं के शुल्क में भी जो की द्वितीय वर्ष में 650 से बढ़ाकर इस कोरोना का में 2750 कर दिया गया है। जो कि बिल्कुल भी जायज नहीं है। पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अधिकतर कॉलेजों में द्वितीय वर्ष एवं तृतीय वर्ष का नामांकन बहुत पहले ही समाप्त हो चुका है लेकिन अनुग्रह नारायण महाविद्यालय में इस कोरोना काल के लॉकडाउन में 28 मई को नामांकन की शुरुआत की गई है।
छात्र – छात्राओं द्वारा जम के किया जा रहा है विरोध
अनुग्रह नारायण महाविद्यालय के छात्र/छात्रा इसका कड़ा विरोध करते हुए कहते है की कॉलेज प्रशासन मनमानी ढंग से फीस की बढ़ोतरी की है। छात्र बताते हैं की पिछले साल के मुकाबला इस बार दुगुना फीस लिया जा रहा है जो की इस वैश्विक महामारी में कहीं से भी जायज नहीं है। छात्र केवल 5 दिनों का समय मिलने पर बहुत नाराज हैं। छात्रों का कथन है जो छात्र गांव के इलाके में रहते हैं और कायिंकों स्मार्टफोन नहीं है तो इतना कम दिनों में उन छात्रों को कैसे पता चलेगा !
प्रिंसिपल को सैकड़ों मैसेज व ईमेल भेजें गए
छात्रों से मिली जानकारी के अनुसार फीस को कम करने के लिए सैकड़ों छात्र छात्राओं ने महाविद्यालय के प्रधानाध्यापक को मैसेज तथा मेल कर फीस कम करने के लिए आग्रह किया। छात्रों का कहना है की हमलोग का कोरोना महामारी के कारण आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है ऐसे में इतना फीस हम कैसे दे पाएंगे।
सोशल मीडिया पे जम के ट्रेंड हो रहा #AncReduceFeeHike
सोशल मीडिया पर छात्रों ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के साथ अपनी मांगों को मजबूती से रखा है। सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर छात्रों के द्वारा #AncReduceFeeHike नाम से हैस्टैग ट्रेंड करवाया जा रहा है ताकि महाविद्यालय प्रशासन इसपर विचार कर छात्रों के हित में फैसला लें और फीस को कम किया जा सके। छात्रों का कहना है की फीस कम करना हीं उपाय है जिससे सभी छात्रों का आगे का पढ़ाई फीस नहीं जमा करने के कारण बंद हो जाय।




